शुक्रवार, २ मई २००८

चेले की बदली चाल...गुरु का हाल बेहाल

गुरु गुड रह गए और चेला शक्कर बन गए यह कहावत इन दिनों भारतीय जनशक्ति पार्टी की संस्थापक सुश्री उमा भारती पर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। ख़बरों के मुताबिक ,कभी उमा के खास चेलों मे से एक रहे प्रह्लाद पटेल जी अब भाजश के नए अध्यक्ष बन गए हैं । गौर फरमाने वाली बात यह है कि हाल ही मे चुनी गयी पार्टी कार्यकारिणी मे उमा जी का नाम गोल है । सबसे चौकाने वाली एक बात और है कि न तो मीडिया ने अभी इतना हायतौबा मचाई है और न ही ख़ुद उमा ने ।

मंगलवार, २९ अप्रैल २००८

आई ओ ए की घुट्टी से गिल की हुई छुट्टी

आखिरकार भारतीय ओलंपिक संघ ने भारतीय हॉकी महासंघ को भंग कर ही दिया । अध्यक्ष की कुर्सी मे पिछले डेढ़ दशक से फेवीकाल की तरह चिपके गिल को गुल खिला रहे हॉकी संघ को गुल कर आई ओ ए ने देश के हॉकी प्रेमियों पर बहुत बड़ा उपकार कर दिया । वैसे तो गिल को चलता करने के लिए कवायद काफी समय से चल रही थी, हॉकी प्रेमी चीख रहे थे , चिल्ला रहे थे , गिल से इस्तीफा मांग रहे थे , ऐडीचोटी का जोर लगते रहे थे , पर गिल साहब भी पक्के घाघ थे , वो तो ग्रह नक्षत्रों की कुछ ऐसी दशा बन पडी कि गिल जी हिल गए , वरना मजाल थी कि कोई उनके हटाने की महज कल्पना भी तो कर सकता ! गिल को निल करने के बाद अन्य खेलों के संघों पर भी नजरें इनायत करने की जरूरत है ।

शनिवार, २६ अप्रैल २००८

भज्जी का चांटा ...क्रिकेट का कांटा

भज्जी का चांटा पूरे देश के क्रिकेट प्रेमियों के दिल मे कांटे की तरह चुभ गया है ।आई पी एल अपने बल्ले और बालाओं की अदाओं के लिए पहले से ही चर्चित था कि कल खेले गए किंग्स इलेवन और मुम्बई इंडियन के बीच एक मुकाबले मे भज्जी द्वारा श्री संथ को जड़े गए चांटे ने इसे और गरिमामयी बना दिया । आई पी एल शुरू होने से पहले ही यह आशंका जतायी जा रही थी कि क्या भारतीय क्रिकेटर अपने आपको इस क्लब फोरमेट मे ढाल पाएंगे ? क्या भारतीय दर्शक अपने शेरों को एक दूसरे के खिलाफ खेलते देखना बर्दाश्त कर पाएंगे ? भाई मामला किसी विदेशी टीम के खिलाडी पर थप्पड़ जड़ने का होता तो हम कह देते कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं , वो तो विदेशी मीडिया द्वारा हमारे खिलाड़ियों कि छवि बिगाड़ने कि कोशिश की जा रही है । मगर मामला विवादों से चोली दमन का साथ रखने वाले दो भारतीय सितारों की आपसी भिडंत का है , सो इस पर बीसीसीआई को भी कुछ बोलते नहीं बन रहा है ।

बुधवार, २३ अप्रैल २००८

ग़दर मची है किस कदर .....

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज जी ने आखिरकार किसानों की सुध लेने का एक और प्रयास किया । मंडी का औचक दौरा कर यह भी जाना कि किस तरह अन्न माफिया किसानों के मॉल पर ही मालामाल हो रहे हैं ।

आई पी एल धमाका ....क्रिकेट का काका

जी हाँ हम बात कर रहे हैं आज आई पी एल धमाके की । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के काका की । बल्ला और बालाओं का शो शुरू हो चुका है । धन बरसात धनानन जारी है । जिन फिल्मी सितारों की एक झलक पाने के लिए लोग तरश्ते थे , वे अब दर्शक बने दर्शकदीर्घा में झूमते नजर आ रहे हैं । सब कोई खुश यहाँ तक कि साबबुश । रिकी पोंटिंग जो हमे फूटी आँख नहीं सुहाते थे , उनकी बल्लेबाजी के लिए अब हम दुआएं मांग रहें हैं । भाई शाहरुख़ की टीम के जो ठहरे ! अब सयमोंड्स की बात की जाए तो भारत के आस्ट्रेलियाए दौरे पर उनसे जमकर पंगा हुआ मगर अब मजाल कि कोई उनके बारे मे जुबान भी हिला दे । ये हुआ न आई पी एल बोली की गोली का असर ?

मंगलवार, २२ अप्रैल २००८

पी पी सिंह को ठाकुर वेदराम पुरुस्कार

माखन लाल चतुर्वेदी रास्ट्रीयपत्रकारिता एवम संचार विश्विधालय के पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष पुस्पेन्द्र पाल सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ठाकुर वेदराम प्रिंट मीडिया एवम शिक्षा पुरुस्कार से २१ अप्रेल को सम्मानित किया जाएगा ।

मशाल है या बवाल है ....

चीनी ओलंपिक खेल की मशाल दौड़ बबाल ज्यादा लग रही है । टोर्चरिले का लाइव शो देखा लगा कि मानो सेना ही दौड़ रही हो । उसमे उत्साह तो जरा भी दिखाई नही दिया । सबसे बड़ी बात देख्नो को जो मिली वह यह रही कि रिले मे जहाँ शुरू मे सत्तर प्रतिभागी भाग ले रहे थे , उसमे से केवल पैसठ ने भाग लिया । मीडिया की भूमिका भी देखने को मिली । समय भी देखा , एन डीटी वी भी देखा । लेकिन मजाल कि किसी ने उनकी सुधि ली हो जो इसका विराध कर रहे थे । आजतक ने जरूर थोड़ा उनकी खैरखबर ली , पर बाकि लगभग सभी न्यूज़ चैनल ने कसीदे काढे । चलिए खैर खुशी है कि मशाल का रिले बगैर किसी बबाल के संपन हो गया ।